इल्हान ओमर ... अपने खुद के देश सोमालिया को छोड़कर अमेरिका पहुंचकर रोते हुए गिड़गिड़ाते हुए शरण मांगा कि मैं सोमालिया नहीं रह सकती वहां गृहयुद्ध है कृपया मुझे शरण दे दो
अमेरिका ने दया करके इल्हान ओमर को शरण दिया शरणार्थी फंड से हर महीने $4000 भी मिले अमेरिका ने पढ़ाया लिखाया यहां तक कि अमेरिका ने इन्हें सांसद भी बना दिया
अब आज यही इल्हान ओमर अमेरिका की व्यवस्था को उत्पीड़न की व्यवस्था कह रही हैं और कह रही हैं कि अब अमेरिका की सिस्टम और अमेरिका की इकोनॉमिक्स को बर्बाद कर देना चाहिए क्योंकि यह उत्पीड़न की सिस्टम है
यही इनकी सच्चाई है जो देश इन्हें दया करके दीन हीन समझकर शरण देता है शरण मिलने के बाद यह अपने असली रंग में आ जाते हैं